Friday, June 12, 2026

ग्वालियर ISBT से बस संचालन पर सस्पेंस: RTO तैयार, ऑपरेटरों ने किया इंकार, यात्री परेशान

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ग्वालियर ISBT से बस संचालन पर सस्पेंस: RTO तैयार, ऑपरेटरों ने किया इंकार, यात्री परेशान

 

ग्वालियर। मुरैना लिंक रोड पर नवनिर्मित इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) से, सोमवार को मुरैना और भिंड के लिए सवारी बसों का संचालन शुरू होगा या नहीं, इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

एक तरफ जहाँ परिवहन विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि कलेक्टर और एसएसपी के साथ हुई पिछली बैठक के अनुसार सोमवार से बसें ISBT से ही चलेंगी, वहीं बस ऑपरेटर यूनियन ने साफ तौर पर इंकार कर दिया है। ऑपरेटरों का तर्क है कि ISBT परिसर और उसके आसपास अभी भी यात्रियों और ऑपरेटरों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं अधूरी हैं।

दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क

पक्ष दावा/तर्क अधिकारी/प्रतिनिधि

परिवहन विभाग (RTO) बीते दिनों हुई बैठक में तय हुआ था कि 10 नवंबर से भिंड और मुरैना की बसें ISBT से चलाई जाएंगी। निगम ने कर्मचारियों को बसों को रवाना करने की जानकारी दे दी है। भिंड रूट की बसें गोले का मंदिर होकर आएंगी-जाएंगी। विक्रमजीत सिंह कंग, आरटीओ

बस ऑपरेटर यूनियन ISBT में निर्माण कार्य, सुविधाएँ और व्यवस्थाएँ अधूरी हैं। जब तक सभी व्यवस्थाएँ पूरी नहीं होतीं, तब तक बसें पुराने बस स्टैंड से ही चलाई जाएंगी। बलवीर सिंह तोमर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष/ मप्र रोडवेज बस ऑपरेटर यूनियन

ऑपरेटरों की मुख्य चिंताएं

बस ऑपरेटरों ने ISBT से बसों का संचालन न करने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण बताए हैं:

पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अभाव: शहर में अभी तक सिटी बसें चालू नहीं हुई हैं। ISBT तक पहुंचने के लिए आम पब्लिक ट्रांसपोर्ट (जैसे सिटी बस) उपलब्ध नहीं है। टेंपो के रूट मल्लगढ़ा तिराहे तक हैं, लेकिन वे भी नियमित रूप से नहीं चल रहे हैं। यात्रियों को ISBT तक पहुंचने के लिए ऑटो के किराए में अधिक खर्च करना पड़ेगा।

यात्रियों का अभाव: वर्तमान में रेलवे स्टेशन के पास स्थित पुराने बस स्टैंड से लगभग 175 बसें चलती हैं, जिनमें से 18 बसें वहीं से पूरी भर जाती हैं। ऑपरेटरों को चिंता है कि शहर से अधिक दूरी पर होने के कारण ISBT पर इतनी संख्या में यात्री मिलना मुश्किल होगा।

किराया और सुविधा: यात्रियों के लिए अभी भी पुराने बस स्टैंड का ही किराया लागू है, जिससे ISBT से यात्रा करने वालों के लिए किराए का स्पष्ट गजट जारी होना जरूरी है।

फिलहाल, कलेक्टर रुचिका चौहान और एसएसपी धर्मवीर सिंह की बैठक में लिए गए निर्णय को लागू करने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग ने पूरी कर ली है, लेकिन बस ऑपरेटरों के इनकार के कारण ISBT से बसों का संचालन संदेह के घेरे में है। यात्रियों को सुविधा मिलने तक पुराने बस स्टैंड से ही बसों के चलने की संभावना है।

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