नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स में बड़ी छूट: पुल, सुरंग और फ्लाईओवर पर अब 50% तक कम टोल
नेशनल हाईवे से सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने टोल टैक्स के नियमों में बदलाव किया है। अब जिन हाईवे पर पुल (ब्रिज), सुरंग (टनल) या फ्लाईओवर जैसी महंगी संरचनाएं हैं, वहां टोल टैक्स में 50% तक की छूट मिलेगी। यह नियम 6 जुलाई (रविवार) से लागू हो गया है। इससे ऐसे रास्तों पर सफर करना काफी सस्ता होगा।
नया नियम क्या है?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 2 जुलाई 2025 को नया आदेश जारी किया। पहले इन खास संरचनाओं पर टोल उनकी लंबाई के 10 गुना तक लिया जाता था। ऐसा इसलिए होता था क्योंकि इनका निर्माण खर्च ज्यादा होता है। अब नया तरीका यह है कि टोल दो तरीकों से गिना जाएगा और जो भी कम होगा, वही टोल लगेगा। जैसे – 1. संरचना की लंबाई का 10 गुना + बाकी सामान्य सड़क की लंबाई। 2. पूरे खंड की कुल लंबाई का 5 गुना। इनमें से जो कम होगा, उसी के हिसाब से टोल देना होगा।
उदाहरण से समझें
मान लीजिए कोई नेशनल हाईवे खंड 40 किलोमीटर लंबा है और पूरा हिस्सा पुल या सुरंग से बना है। पहले इसका टोल 40×10 = 400 किलोमीटर के बराबर लगता था। अब यही टोल 40×5 = 200 किलोमीटर के बराबर लगेगा। यानी सीधे आधा।
अगर किसी 40 किलोमीटर के खंड में 30 किलोमीटर पुल/सुरंग और 10 किलोमीटर सामान्य सड़क है, तो पहले टोल 30×10 + 10 = 310 किलोमीटर के बराबर लगता था। अब इसकी तुलना 40×5 = 200 किलोमीटर से होगी और कम दूरी (200 किलोमीटर) पर ही टोल लगेगा। इससे लोगों को राहत मिलेगी।
भारी वाहनों को ज्यादा फायदा
इस बदलाव से ट्रक, बस जैसे भारी वाहनों को ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि ये सामान्य गाड़ियों से ज्यादा टोल देते हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे या द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे हाईवे, जहां ज्यादातर फ्लाईओवर और सुरंगें हैं, वहां अब टोल आधा देना होगा। इससे सामान ढुलाई सस्ती होगी और आम आदमी को भी इसका फायदा मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य
सरकार चाहती है कि टोल वसूली पारदर्शी हो, यात्रियों पर बोझ कम हो और ज्यादा लोग नेशनल हाईवे का इस्तेमाल करें। एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों का कहना है कि इससे आम लोगों को राहत मिलेगी और बुनियादी ढांचे की लागत भी धीरे-धीरे वसूली जा सकती हैं।

