ग्वालियर नगर निगम का बड़ा एक्शन: सरकारी भवनों से भी वसूला जाएगा सेवा शुल्क, 30 मार्च तक 300 करोड़ वसूली का लक्ष्य
30 मार्च तक विशेष वसूली अभियान; बकाया न चुकाने वाले विभागों पर होगी सख्त कार्रवाई, राजस्व बढ़ाने को मास्टरप्लान तैयार।
ग्वालियर। नगर निगम ग्वालियर ने अपनी वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब शहर के निजी मकानों और प्रतिष्ठानों के साथ-साथ सभी सरकारी भवनों को भी अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क (Service Charge) देना होगा। निगम प्रशासन ने इस पहल के माध्यम से 300 करोड़ रुपये की बकाया वसूली का भारी-भरकम लक्ष्य निर्धारित किया है।
सरकारी विभागों पर करोड़ों की देनदारी
निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, शहर के विभिन्न सरकारी कार्यालयों, बोर्डों और निगम संस्थानों पर पिछले कई वर्षों से करोड़ों रुपये का सेवा शुल्क बकाया है। पहले इन पर ढिलाई बरती जाती थी, लेकिन अब निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि नियम सभी के लिए समान हैं।
30 मार्च तक ‘मिशन मोड’ में काम
वसूली के लिए निगम ने 30 मार्च तक एक विशेष समय सीमा तय की है। इसके लिए शहर के सभी जोनों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
नोटिस की झड़ी: बकायेदारों की पहचान कर मौके पर ही नोटिस थमाए जा रहे हैं।
कड़ी कार्रवाई: समय पर भुगतान न करने वाले संस्थानों के खिलाफ जुर्माना और कनेक्शन काटने जैसी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
भुगतान के लिए डिजिटल और ऑनस्पॉट सुविधा
आम नागरिकों और विभागों की सुविधा के लिए निगम ने भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाया है:
डिजिटल पेमेंट: ऑनलाइन माध्यमों से तुरंत भुगतान की व्यवस्था।
ऑनस्पॉट वसूली: निगम की टीमें मौके पर ही चेक या डिजिटल माध्यम से राशि स्वीकार कर रही हैं।
“इस अभियान से प्राप्त होने वाली राशि का सीधा निवेश शहर की सड़क, सफाई और जल आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुधारने में किया जाएगा।” — निगम प्रशासन
नगर निगम का यह कड़ा रुख सरकारी महकमों में खलबली मचा रहा है। अब देखना यह है कि 30 मार्च तक निगम अपने 300 करोड़ के जादुई आंकड़े को छू पाता है या नहीं।

