खाद के लिए थानों में लाइन: किसान अपराधी नहीं, भाजपा सरकार में किसान बेहाल!
ग्वालियर जिले के भितरवार विधानसभा क्षेत्र में किसानों को खाद के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करहिया और आस-पास के गांवों में किसान रोजाना घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता धर्मेंद्र शर्मा ने भाजपा सरकार पर किसानों को खाद के लिए पुलिस थानों में लाइन में लगवाने का आरोप लगाया है, जिसे उन्होंने किसानों का अपमान और सरकार की बड़ी विफलता बताया है।
समितियों पर लंबी कतारें, फिर भी खाली हाथ
करहिया और भितरवार के खाद वितरण केंद्रों पर सैकड़ों किसान लंबी-लंबी कतारों में खड़े हो रहे हैं। कई किसानों को टोकन मिलने के बावजूद खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी परेशानी और भी बढ़ गई है।
सर्वर ठप, वितरण व्यवस्था चौपट
खाद वितरण के लिए इस्तेमाल होने वाली PoS मशीन और सर्वर अक्सर बंद हो जाते हैं, जिससे किसानों को बार-बार केंद्रों से वापस लौटना पड़ रहा है। गोदामों में खाद होने के बावजूद वितरण में पारदर्शिता की कमी के कारण ब्लैक मार्केटिंग और गलत वितरण की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। किसानों ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया है।
प्रशासन की लापरवाही और झूठे दावे
जिला प्रशासन ने इस समस्या पर ध्यान दिया है और ADM ने DMO को नोटिस भी भेजा, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ है। सरकार लगातार खाद की सप्लाई और वितरण की तारीखें तय होने का दावा कर रही है, लेकिन किसान अब भी खाद के बिना परेशान हैं।
कांग्रेस की मुख्य मांगें
72 घंटे के अंदर करहिया और आसपास की समितियों में अतिरिक्त खाद भेजी जाए।
“टोकन मिला = खाद मिली” की गारंटी दी जाए और सर्वर खराब होने पर मैनुअल सिस्टम शुरू किया जाए।
ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए GPS-ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाए।
छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए और भीड़ से बचने के लिए टाइम-स्लॉट टोकन व्यवस्था शुरू की जाए।
किसानों के लिए एक हेल्पलाइन और डिजिटल अपडेट सिस्टम बनाया जाए।
7 दिनों में पूरे मामले का सोशल ऑडिट हो और 30 दिनों में दोषियों पर कार्रवाई हो।
धर्मेंद्र शर्मा का बयान
धर्मेंद्र शर्मा ने कहा, “भाजपा सरकार की नाकामी के कारण किसानों को खेतों के बजाय लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। करहिया और भितरवार के किसान अपमानजनक स्थिति का सामना कर रहे हैं। उन्हें पुलिस थानों में लाइन लगवाई जा रही है, जो सरकार की किसान विरोधी सोच का सबसे शर्मनाक उदाहरण है। ”उन्होंने कहा, “गोदाम भरे हैं, खेत खाली? जवाब दो भाजपा सरकार!”

