पंजाब में बाढ़ का कहर: शिवराज सिंह चौहान ने किया दौरा, किसानों को दिया मदद का भरोसा
चंडीगढ़, पंजाब। पंजाब के नौ जिलों में आई भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बाद, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। चौहान ने ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंचे कृषि मंत्री
शिवराज सिंह चौहान ने अमृतसर और गुरदासपुर के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। वे ट्रैक्टर पर सवार होकर जलमग्न खेतों में गए और घुटनों तक गहरे पानी में घुसकर बर्बाद हो चुकी धान की फसल का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं और रावी नदी से आई बाढ़ ने भविष्य की खेती के लिए भी संकट पैदा कर दिया है।
केंद्र से मिलेगा पूरा सहयोग
अमृतसर में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में केंद्र सरकार पंजाब के लोगों के साथ पूरी तरह खड़ी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर वह हालात का जायजा लेने आए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि स्थिति का आकलन करने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की दो केंद्रीय टीमें पंजाब पहुंच चुकी हैं, जो जल्द ही केंद्र सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगी। इन टीमों में कृषि, ग्रामीण विकास, सड़क, ऊर्जा, वित्त और जल शक्ति मंत्रालयों के अधिकारी शामिल हैं।
राज्यपाल ने सौंपी रिपोर्ट
शिवराज सिंह चौहान के अमृतसर पहुंचने पर, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने उन्हें बाढ़ की स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी। राज्यपाल ने 1 से 4 सितंबर के बीच अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन और फिरोजपुर जिलों का दौरा कर चौहान को जमीनी हकीकत से अवगत कराया। उन्होंने बाढ़ से जान-माल, फसलों और बुनियादी ढांचे को हुए भारी नुकसान की जानकारी दी। राज्यपाल ने राहत और पुनर्वास कार्यों के बारे में भी बताया, जो राज्य सरकार, सेना और एनडीआरएफ द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे हैं।
पंजाब ने मांगी 2000 करोड़ की मदद
इस दौरे के दौरान, पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। उन्होंने चौहान को एक ज्ञापन सौंपकर बाढ़ से हुए नुकसान के लिए तुरंत 2000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने केंद्र से राज्य के लंबित 60,000 करोड़ रुपये भी जारी करने का अनुरोध किया।
बाढ़ से भारी नुकसान
पंजाब दशकों की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान पर होने और हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश से आई बाढ़ ने नौ जिलों में तबाही मचाई है। अधिकारियों के अनुसार, इस आपदा में अब तक 37 लोगों की जान जा चुकी है और 3.55 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। 1.75 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

