बागेश्वर धाम में फिर हादसा: दीवार गिरने से मिर्जापुर की महिला श्रद्धालु की मौत, 10 घायल
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक बार फिर दुखद हादसा हो गया है। भारी बारिश के कारण एक ढाबे की दीवार ढह जाने से उसके नीचे खड़े हुए श्रद्धालु मलबे की चपेट में आ गए। इस हादसे में मिर्जापुर निवासी अनीता देवी की दुखद मृत्यु हो गई है, जबकि 10 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
ढाबे में शरण लिए श्रद्धालु हुए हादसे का शिकार
यह घटना उस समय हुई जब गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बागेश्वर धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे हुए थे। तेज बारिश से बचने के लिए कई लोग एक पास में मौजूद ढाबे के नीचे खड़े थे। अचानक ढाबे की दीवार गिर गई और श्रद्धालु उसके मलबे में दब गए। चारों ओर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।
घायलों का इलाज जारी
छतरपुर के चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर (सीएमएचओ) आरपी गुप्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, “शर्मा ढाबे की दीवार बारिश के कारण गिरी थी, जिसकी चपेट में वहां मौजूद लोग आ गए। अस्पताल में एक शव आया है और 10 घायलों को लाया गया है। सभी घायलों का इलाज चल रहा है, और जिन लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, उनकी गहन जांच की जा रही है। हादसे में प्रभावित हुए सभी लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाल लिया गया है”।
धीरेंद्र शास्त्री की अपील: घर पर ही करें गुरु पूजन
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने एक वीडियो संदेश जारी कर श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस बार गुरु पूर्णिमा का उत्सव घर पर ही मनाएं। उन्होंने कहा कि 7 जुलाई को बागेश्वर धाम में पहले ही लाखों भक्त जुट चुके हैं, साथ ही भारी वर्षा भी हो रही है। ऐसे में अत्यधिक भीड़ के चलते किसी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए भक्तगण घर पर ही पादुका पूजन करें।
उन्होंने कहा, “घर बैठकर भगवान का स्मरण करें, हनुमान चालीसा का पाठ करें और पवित्र भाव से पूजन करें।”
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भक्तों से अनुरोध किया कि वे आगे-पीछे आकर भीड़ बढ़ाने की बजाय घर से ही आस्था बनाए रखें और गुरु पूजन संपन्न करें।
धाम में लगातार दूसरे बड़े हादसे से चिंता
यह पहली बार नहीं है जब बागेश्वर धाम में बारिश से संबंधित कोई बड़ा हादसा हुआ है। सीएमएचओ गुप्ता ने बताया कि 3 जुलाई को भी धाम परिसर में एक टेंट गिर गया था, जिसमें उत्तर प्रदेश के श्यामलाल कौशल नामक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। उस समय बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री ने बताया था कि टेंट एक पुरानी जगह पर लगा था और केवल बारिश से बचने के लिए कुछ लोग वहां खड़े थे। श्यामलाल कौशल टेंट के नीचे लेटे हुए थे, जिनके ऊपर रॉड गिरने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उनकी मौत हो गई थी। लगातार हो रहे इन हादसों ने धाम परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और संरचनात्मक स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

