अमरनाथ यात्रा में नहीं मिलेगी हेलीकॉप्टर सेवा, श्रद्धालुओं को पैदल ही करनी होगी यात्रा
इस साल अमरनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर सेवा नहीं मिलेगी। पहले की तरह इस बार लोग हेलीकॉप्टर से गुफा के पास नहीं जा सकेंगे। अब श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पूरी यात्रा पैदल करनी होगी या फिर टट्टू और पालकी का सहारा लेना होगा। यह नया नियम दो मुख्य रास्तों बालटाल और पहलगाम पर लागू होगा। प्रशासन ने कहा है कि यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। साथ ही सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी सेहत का ध्यान रखें और पैदल चलने की प्रैक्टिस जरूर करें। प्रशासन की तरफ से यह भी कहा गया है कि मौसम की स्थिति और रास्तों की कठिनाई को देखते हुए यात्रियों को सावधानी और तैयारी के साथ यात्रा पर निकलना चाहिए।

अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त को समाप्त होगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। पहलगाम और बालटल रास्तों पर ड्रोन, यूएवी और गुब्बारे उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह रोक सिर्फ आम लोगों के लिए है, जबकि सुरक्षा बल, आपदा प्रबंधन और मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं को अनुमति दी गई है। जम्मू-कश्मीर गृह विभाग ने बताया कि यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है ताकि श्रद्धालु भयमुक्त होकर दर्शन कर सकें।

