Saturday, June 13, 2026

भारत बंद: 25 करोड़ कर्मचारी सड़कों पर, आज देश भर में क्या खुला, क्या बंद?

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भारत बंद: 25 करोड़ कर्मचारी सड़कों पर, आज देश भर में क्या खुला, क्या बंद?

 

आज, 9 जुलाई को देश में भारत बंद का आह्वान किया गया है। इसका मतलब है कि देश के कई हिस्सों में कामकाज पर असर पड़ सकता है। इसे बुलाने वाले 10 बड़े केंद्रीय ट्रेड यूनियन (मज़दूर संगठन) हैं, जिनके साथ कई किसान संगठन भी जुड़े हुए हैं। इस हड़ताल में 25 करोड़ से ज़्यादा कर्मचारी शामिल हो रहे हैं।

हड़ताल क्यों हो रही है?

यह हड़ताल केंद्र सरकार की कुछ नीतियों के खिलाफ है, जिन्हें ट्रेड यूनियन “मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट-समर्थक” बता रहे हैं।

नए मज़दूर कानून (श्रम कोड): यूनियनों का कहना है कि ये नए कानून मज़दूरों के अधिकारों को कमज़ोर करते हैं, जैसे हड़ताल करने या अपनी यूनियन बनाने का अधिकार। वे यह भी कहते हैं कि ये कानून काम के घंटे बढ़ा सकते हैं।

निजीकरण और ठेके पर काम: सरकार सार्वजनिक कंपनियों और सेवाओं को बेच रही है और परमानेंट नौकरियों की जगह ठेके पर काम बढ़ा रही है। इससे मज़दूरों की नौकरी की सुरक्षा और वेतन पर बुरा असर पड़ रहा है।

नई भर्तियों की कमी और कम वेतन: यूनियनों का आरोप है कि सरकार नई नौकरियां नहीं दे रही है और कर्मचारियों की वेतन बढ़ाने की मांगों को अनदेखा कर रही है।

बेरोज़गारी और महंगाई: देश में बढ़ती बेरोज़गारी और रोज़मर्रा की चीज़ों की बढ़ती कीमतें भी हड़ताल का एक मुख्य बड़ा कारण हैं।

मनरेगा में बदलाव: किसान चाहते हैं कि मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम) में मज़दूरी और काम के दिन बढ़ाए जाएं। साथ ही, शहरों में भी बेरोज़गारों के लिए मनरेगा जैसी योजना लाने की मांग कर रहे हैं।

श्रम सम्मेलन न होना: पिछले 10 सालों से सरकार ने भारतीय श्रम सम्मेलन नहीं बुलाया है, जहाँ मज़दूरों के मुद्दों पर चर्चा होती है। यूनियन इस बात पर भी नाराज़ हैं।

आज क्या-क्या बंद रहेगा और क्या खुला रहेगा?

इस हड़ताल से खासकर सरकारी क्षेत्रों की कुछ सेवाएँ प्रभावित हो सकती हैं।

बैंक सेवाएँ: बैंक कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं, इसलिए बैंकों का कामकाज प्रभावित हो सकता है। हालांकि, एटीएम, ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई (UPI) से पैसे का लेनदेन चलता रहेगा।

डाकघर सेवाएँ: पोस्ट ऑफिस में भी कामकाज रुक सकता है।

बीमा कंपनियाँ: बीमा कंपनियों के कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं, जिससे बीमा से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं।

कोयला खदानें और फैक्ट्रियां: कोयला खदानों और दूसरे उद्योगों में काम रुक सकता है।

सरकारी बसें: कुछ राज्यों में सरकारी बसों जैसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाएँ प्रभावित हो सकती हैं।

सड़क और निर्माण कार्य: सड़कों और इमारतों के निर्माण का काम भी रुक सकता है।

सरकारी दफ्तर और सरकारी कंपनियाँ: इन जगहों पर कामकाज पर असर पड़ेगा।

बिजली सप्लाई: बिजली विभाग के 27 लाख से ज़्यादा कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो सकते हैं, जिससे बिजली सप्लाई पर भी थोड़ा असर पड़ सकता है।

यह चीज़ें खुली रहेंगी:

दिल्ली में असर: दिल्ली और NCR में इस भारत बंद का ज़्यादा असर नहीं है। यहां दुकानें, संस्थान और ट्रांसपोर्ट सेवाएँ सामान्य रूप से चालू हैं।

स्कूल और कॉलेज: पूरे देश में स्कूल और कॉलेज खुले रहेंगे। किसी छुट्टी का ऐलान नहीं हुआ है।

प्राइवेट ऑफिस: निजी कंपनियों के दफ्तर खुले रहेंगे, हालांकि ट्रांसपोर्ट में दिक्कत के कारण कुछ कर्मचारियों को पहुँचने में देर हो सकती है।

ट्रेनें: रेलवे यूनियन ने हड़ताल का समर्थन तो किया है, लेकिन वे काम बंद करके इसमें शामिल नहीं होंगे। फिर भी, कुछ ट्रेनों में थोड़ी देरी हो सकती है।

शेयर बाज़ार: शेयर बाज़ार सामान्य रूप से खुले हैं और कामकाज चल रहा है।

अस्पताल और इमरजेंसी सेवाएँ: अस्पताल और सभी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ हमेशा की तरह खुली रहेंगी।

बाज़ार और दुकानें: ज़्यादातर बाज़ार, मॉल और दुकानें खुले हैं, क्योंकि व्यापारियों ने इस बंद का समर्थन नहीं किया है।

कुल मिलाकर, यह हड़ताल सरकार की नीतियों के खिलाफ मज़दूरों और किसानों का एक बड़ा विरोध है। इसका मकसद सरकार पर उनकी मांगों को मानने का दबाव बनाना है।

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