Saturday, June 13, 2026

नेपाल में ‘डिजिटल क्रांति’: Gen Z ने किया सोशल मीडिया बैन का विरोध, 9 की मौत 80 से ज्यादा लोग घायल

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नेपाल में ‘डिजिटल क्रांति’: Gen Z ने किया सोशल मीडिया बैन का विरोध, 9 की मौत 80 से ज्यादा लोग घायल

 

नेपाल की राजधानी काठमांडू में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों ने देश की राजनीति और सामाजिक संरचना में एक बड़ा उबाल ला दिया है। इन विरोधों के केंद्र में “Gen Z क्रांति” है, जिसमें 18 से 30 साल के युवा सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंधों के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।

सोशल मीडिया बैन: विरोध का मुख्य कारण

नेपाल सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स (ट्विटर), लिंक्डइन सहित कुल 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार का तर्क है कि ये प्लेटफॉर्म्स नेपाल के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में रजिस्टर्ड नहीं हैं और इनके जरिए अफ़वाहें और गलत जानकारी फैलाई जा रही है। सरकार ने इन कंपनियों को रजिस्ट्रेशन के लिए 7 दिन का समय दिया था, लेकिन ऐसा नहीं होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। हालांकि, इस बैन से चीनी ऐप्स जैसे कि टिकटॉक को छूट मिली हुई है, क्योंकि उन्होंने पहले ही नियमों का पालन कर लिया था।

Gen Z के लिए सोशल मीडिया का महत्व

नेपाल का युवा वर्ग यानी Gen Z इस फैसले को अपनी अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सीधा हमला मान रहा है।
* शिक्षा और रोज़गार: कई छात्र यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स का उपयोग अपनी पढ़ाई के लिए करते हैं। साथ ही, बहुत से छोटे व्यवसायी और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सोशल मीडिया ही आजीविका का मुख्य साधन है।
* अभिव्यक्ति का माध्यम: युवाओं के लिए सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह अपने विचारों को रखने, सरकार से सवाल पूछने और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

विरोध क्यों हुआ उग्र?

यह विरोध केवल सोशल मीडिया बैन तक सीमित नहीं है। युवा इस प्रदर्शन के जरिए सरकार में फैले भ्रष्टाचार, बढ़ती बेरोजगारी और आर्थिक मंदी के खिलाफ अपना गुस्सा भी जाहिर कर रहे हैं।
* संसद भवन पर धावा: काठमांडू में हजारों प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़कर संसद परिसर में घुस गए, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं।
* फायरिंग और कर्फ्यू: स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा। दुर्भाग्य से, इस झड़प में पुलिस की गोलीबारी से 9 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई और 80 से ज्यादा लोग घायल हुए।
* सेना की तैनाती: काठमांडू में स्थिति को देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया है और कई इलाकों में सेना को भी तैनात किया गया है।

क्या है आगे की राह?

यह ‘Gen Z क्रांति’ दिखाती है कि नेपाल की युवा पीढ़ी अब केवल मूक दर्शक नहीं रहना चाहती। वे सरकार से पारदर्शिता, जवाबदेही और एक बेहतर भविष्य की मांग कर रहे हैं। यह विरोध भविष्य में नेपाल की राजनीति और सामाजिक आंदोलनों की दिशा तय कर सकता है।

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