ग्वालियर में ट्रेन रोकी: जल निकासी न होने से त्रस्त ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, घंटों बाधित रहा रेल यातायात
मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर से सटे दोरार गांव और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से हो रहे लगातार जलभराव से त्रस्त ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने अपनी समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए ग्वालियर-बीना पैसेंजर ट्रेन को रोककर विरोध प्रदर्शन किया।
क्या हुआ?
यह घटना सोमवार दोपहर की है जब ग्वालियर से शिवपुरी की ओर जा रही ग्वालियर-बीना पैसेंजर ट्रेन दोरार गांव के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, जो जलभराव की समस्या से गंभीर रूप से प्रभावित हैं, ट्रैक पर आ गए और ट्रेन को रोक दिया।
प्रदर्शन का कारण
दोरार और उसके आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों के लोग रेलवे अंडरब्रिज में पानी भरने और निकासी की उचित व्यवस्था न होने से बुरी तरह परेशान हैं। बारिश के मौसम में यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है, जिससे आवागमन बाधित होता है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
प्रशासनिक कार्रवाई
ट्रेन रोके जाने की खबर मिलते ही ट्रेन स्टाफ ने तत्काल झांसी स्थित रेलवे कंट्रोल को सूचना दी। खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों से बात की और उनकी समस्या सुनने के बाद उन्हें समझाने-बुझाने का प्रयास किया।
45 मिनट तक थमी रही ट्रेन
ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे और लगभग 45 मिनट तक ट्रेन को ट्रैक पर ही रोके रखा। अधिकारियों द्वारा ठोस आश्वासन और समस्या के समाधान के लिए पहल करने के भरोसे के बाद ही ग्रामीण ट्रैक से हटने को राजी हुए।
ग्रामीणों के हटने के बाद रेलवे अधिकारियों ने ट्रैक का निरीक्षण किया और सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी। लगभग एक घंटे बाद ग्वालियर-बीना पैसेंजर ट्रेन अपने अगले स्टेशन शिवपुरी के लिए रवाना हो सकी।

