ऑपरेशन मुस्कान: ग्वालियर पुलिस ने सकुशल लौटाया लापता बालक, परिजनों ने जताया आभार
ग्वालियर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत, पुरानी छावनी थाना पुलिस ने घर से लापता हुए एक 11 वर्षीय नाबालिग बालक को सकुशल ढूंढ निकाला और उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया। ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह (भापुसे) के निर्देशानुसार, जिले में गुमशुदा बालक-बालिकाओं की तलाश हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पूर्व/यातायात/अपराध) कृष्ण लालचंदानी (भापुसे) ने सभी थाना प्रभारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
क्या था, पूरा मामला?
मोतीझील, भट्टा वाली पहाड़िया, पुरानी छावनी निवासी धर्मेंद्र प्रजापति ने पुरानी छावनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 7 जून 2025 को उनका 11 वर्षीय छोटा भाई घर के बाहर खेल रहा था। डांटने के बाद जब धर्मेंद्र सिद्धबाबा मंदिर गए और शाम को उनकी पत्नी ने फोन पर बताया कि छोटा भाई अभी तक घर नहीं आया है। रिश्तेदारों और पड़ोस में तलाश करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला। धर्मेंद्र को आशंका थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके भाई को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया है। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना पुरानी छावनी में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार, सीएसपी महाराजपुरा श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पुरानी छावनी क्षमा राजौरिया ने अपहृत नाबालिग बालक की तलाश के लिए एक टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने रिश्तेदारों से पूछताछ की और आसपास के क्षेत्र में भी गहन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन शुरुआत में कोई सफलता नहीं मिली। विवेचना के दौरान, पुरानी छावनी पुलिस फ्रूट मंडी पहुंची, जहां उन्होंने लापता नाबालिग बालक को सकुशल ढूंढ निकाला। बालक ने पूछताछ में बताया कि वह स्टेन पार्क में भागवत के भंडारे में गया था और वहां से घर का रास्ता भटक गया था, जिसके बाद वह फ्रूट मंडी में ही रुक गया था।
परिजनों ने पुलिस का जताया आभार
अपने बेटे को सकुशल वापस पाकर परिजनों ने पुरानी छावनी पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद किया। इस सफल अभियान में थाना प्रभारी पुरानी छावनी क्षमा राजौरिया, सउनि पूरन सिंह गुर्जर, प्र.आर. कमल सिंह, आर. अशोक गुर्जर और आर. अरविंद सिंह यादव की सराहनीय भूमिका रही।

