उज्जैन में मोहर्रम जुलूस में बवाल: बैरिकेड तोड़ प्रतिबंधित रास्ते घुसे उपद्रवी, पुलिस लाठीचार्ज, कई पुलिसकर्मी घायल, 16 पर FIR दर्ज
मोहर्रम के जुलूस के दौरान उज्जैन में उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब कुछ लोगों ने पुलिस द्वारा निर्धारित रास्ते का उल्लंघन किया। यह घटना खजूर वाली मस्जिद के पास हुई, जहाँ जुलूस को एक विशेष मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं थी।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस रास्ते पर बैरिकेड लगा रखे थे। लेकिन, जुलूस में शामिल कुछ उपद्रवियों ने इन बैरिकेड्स को तोड़ दिया और प्रतिबंधित रास्ते से आगे बढ़ने की कोशिश की। इससे स्थिति बिगड़ गई और भीड़ अनियंत्रित होने लगी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिसके कारण पुलिस को मजबूरन में लाठीचार्ज करना पड़ा, इसमें कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए हैं।
भीड़ को नियंत्रित करने और स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान, 2 से 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें चोटें आईं। घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
पुलिस की सख्त कार्रवाई: 16 के खिलाफ FIR दर्ज
इस घटना को पुलिस ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस मामले के मुख्य आयोजक इरफान खान उर्फ लल्ला सहित 15 से 16 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन सभी पर दंगा भड़काने और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस अब घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध सबूतों की गहनता से जांच कर रही है, ताकि सभी आरोपियों की पहचान की जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुस्लिम समाज ने भी की निंदा
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर मुस्लिम समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने भी अपनी निंदा व्यक्त की है। सीरत कमेटी के सह-सचिव मकसूद अली ने इस घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए स्वीकार किया कि जुलूस में शामिल कुछ लोगों की गलती के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों से पूरे समाज का नाम खराब होता है, और सभी को नियमों तथा कानून का पालन करना चाहिए।

