Saturday, June 13, 2026

अमरनाथ यात्रा में बड़ा हादसा टला, रामबन में बस दुर्घटना में 36 यात्री घायल

Share

अमरनाथ यात्रा में बड़ा हादसा टला, रामबन में बस दुर्घटना में 36 यात्री घायल

जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में शनिवार सुबह अमरनाथ यात्रा के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर चंदरकोट लंगर स्थल के पास अमरनाथ यात्रियों की पांच बसें आपस में भिड़ गईं। इस हादसे में कुल 36 श्रद्धालु घायल हुए हैं, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई और सभी की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

घटना आज सुबह लगभग 8 बजे की है। जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से पहलगाम बेस कैंप की ओर अमरनाथ यात्रियों का चौथा जत्था रवाना हुआ था। जत्था जैसे ही रामबन जिले के चंदरकोट इलाके से गुजर रहा था, तभी काफिले में सबसे पीछे चल रही बस ने नियंत्रण खो दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए।
ब्रेक फेल होते ही बस तेज रफ्तार में आगे बढ़ी और उसने आगे चल रही चार बसों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पांचों बसों के आगे और पीछे के हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गई और कुछ देर के लिए हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

राहत-बचाव कार्य – प्रशासन की तत्परता से बची कई जानें

घटना की जानकारी मिलते ही पहले से तैनात सुरक्षा बल, राहत दल और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए। जिला प्रशासन के प्रमुख उपायुक्त मोहम्मद इलियास खान खुद मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य का नेतृत्व किया। पुलिस बल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी तुरंत पहुंच गईं। घायलों को एंबुलेंस की मदद से रामबन जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल रामबन के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहम्मद रफी ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिक इलाज दिया गया। इनमें किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई। दस यात्रियों को प्राथमिक इलाज के बाद तुरंत छुट्टी दे दी गई, और बाकियों को भी कुछ घंटों में अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। प्रशासन ने यात्रियों के लिए बसों की व्यवस्था भी कर दी है, ताकि वे अपनी यात्रा बिना किसी रुकावट के पूरी कर सकें।

प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश – सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं

रामबन के डीसी मोहम्मद इलियास खान ने मीडिया को बताया कि हादसा बस के ब्रेक फेल होने से हुआ। उन्होंने सभी वाहन चालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे यात्रा के दौरान वाहन की तकनीकी जांच जरूर करवाएं, गति सीमा का पालन करें और काफिले में बिना अनुमति शामिल न हों। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा जैसी दुर्गम यात्रा में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए नियमों का पालन बेहद जरूरी है।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था – पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर कड़ी निगरानी

अमरनाथ यात्रा 2025, जो 3 जुलाई से शुरू हो चुकी है, जिसमें हजारों श्रद्धालु बर्फ से ढकें शिवलिंग के दर्शन करने के लिए पवित्र गुफा से निकल चुके हैं। पहलगाम आतंकी हमला होने के बाद से इस साल सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सेना और स्थानीय पुलिस की कई टीमें तैनात हैं। सीआरपीएफ ने बम स्क्वॉड और के-9 डॉग दस्तों को भी ड्यूटी पर लगाया है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
माउंटेन रेस्क्यू टीमें भी पहलगाम और बालटाल, दोनों मार्गों पर किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रखी गई हैं। ड्रोन और सीसीटीवी से हाईवे और संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है।

रामबन की यह दुर्घटना बताती है कि अमरनाथ जैसी दुर्गम यात्रा में छोटी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। हालांकि प्रशासन की मुस्तैदी और बचाव दल की तत्परता ने बड़ी जनहानि टल गई। प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए निगरानी और सख्ती और बढ़ाई जाएगी।

Read more

Local News