Saturday, June 13, 2026

बागेश्वर धाम में टीन शेड गिरने से बड़ा हादसा, एक श्रद्धालु की मौत, कई लोग घायल – धीरेंद्र शास्त्री के जन्मदिन की चल रही थी तैयारियां 

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बागेश्वर धाम में टीन शेड गिरने से बड़ा हादसा, एक श्रद्धालु की मौत, कई लोग घायल – धीरेंद्र शास्त्री के जन्मदिन की चल रही थी तैयारियां 

 

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। सुबह करीब 7:30 बजे तेज बारिश और तेज हवाओं के चलते परिसर में लगा एक बड़ा टीन शेड अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए हैं।

यह हादसा उस वक्त हुआ जब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के जन्मदिन (4 जुलाई) की तैयारियों को लेकर देशभर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु धाम में जुटे हुए थे। भीड़ के बीच सुबह से हो रही बारिश से बचने के लिए कई श्रद्धालु शेड के नीचे खड़े थे। बारिश का पानी छत पर जमा होता गया और तेज हवाओं ने कमजोर ढांचे को और कमजोर कर दिया। आखिरकार शेड अपनी जगह से उखड़ गया और नीचे खड़े लोगों पर गिर पड़ा।

हादसे में मृतक श्रद्धालु की पहचान उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के श्यामलाल कौशल के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ बाबा बागेश्वर के जन्मदिन पर दर्शन करने आए थे। हादसे में टीन शेड से निकला लोहे का एक एंगल सीधे उनके सिर पर गिरा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में करीब 8 से 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। जिनका इलाज छतरपुर जिला अस्पताल में चल रहा है।

मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से मलबे में दबे कई लोगों को बाहर निकालने का काम किया। घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

क्या थे हादसे के कारण?

बमीठा थाना प्रभारी आशुतोष श्रुतिया ने बताया कि शुरुआती जांच में हादसे की वजह टीन शेड में बारिश का पानी भरना और तेज हवाओं का दबाव सामने आया है। छतरपुर कलेक्टर ने इस मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने के बावजूद मौसम की चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया और कमजोर ढांचे की कोई जांच नहीं कराई गई।

संभावना जताई जा रही है कि टीन शेड या तो पुराना था या फिर इसे इस तरह के मौसम और भारी भीड़ के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं बनाया गया था। साथ ही, इतने बड़े आयोजन में आपातकालीन प्रबंध और वैकल्पिक इंतजामों की भी कमी नजर आई।

देशभर में बागेश्वर धाम जैसे धार्मिक स्थलों पर लाखों श्रद्धालु जुटते हैं, ऐसे में इस हादसे ने यह साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। प्रशासन और आयोजकों को मौसम के अनुसार ढांचागत तैयारी, मजबूत निर्माण और आपातकालीन राहत योजनाओं को प्राथमिकता देनी होगी ताकि भविष्य में कोई और श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के बदले अपनी जान न गंवाए।

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