Saturday, June 13, 2026

तीन साल के क़ानूनी संघर्ष के बाद भारती रावत बनीं सरपंच।

Share

तीन साल के संघर्ष के बाद भारती रावत बनीं सरपंच।
भितरवार जनपद की खड़ौआ ग्राम पंचायत में तीन साल पहले हुए सरपंच चुनाव में धांधली और घोर लापरवाही का खुलासा होने के बाद अब भारती रावत को आखिरकार सरपंच घोषित कर दिया गया है। यह जीत उनके तीन साल के लंबे कानूनी संघर्ष का नतीजा है।
2022 में हुए सरपंच चुनाव में भारती रावत ने जीत हासिल की थी, लेकिन पीठासीन अधिकारी की लापरवाही के कारण उनके 168 वोटों को किसी और उम्मीदवार के खाते में डाल दिया गया, जिससे उनके वोटों की संख्या शून्य हो गई। इसी गलती के कारण रश्मि रावत को जीत का प्रमाण पत्र दे दिया गया था।
भारतीय रावत ने हार नहीं मानी और लगातार तीन साल तक न्याय के लिए संघर्ष करती रहीं। उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, अदालत ने एसडीएम को मामले की जांच करने का आदेश दिया। जांच में यह बात सामने आई कि चुनाव में धांधली और लापरवाही हुई थी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर, अब एसडीएम ने भारती रावत को आधिकारिक तौर पर सरपंच घोषित कर दिया है और रश्मि रावत की सरपंच पद की नियुक्ति रद्द कर दी गई है। यह भारती रावत की संघर्ष और न्याय की जीत है।

Read more

Local News