ग्वालियर में हथियारों की बड़ी डील नाकाम: पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को दबोचा, कट्टा और कारतूस भी बरामद
महज 18-19 साल के युवक उतरे अपराध की दुनिया में; ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
ग्वालियर। जिले में पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ग्वालियर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के दो अन्य सदस्य मौके से भागने में सफल रहे। पकड़े गए आरोपियों के पास से घातक हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
ग्वालियर थाना पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि सोना गार्डन के पास स्थित ओवरब्रिज के नीचे कुछ युवक अवैध हथियारों की बड़ी खेप की डील करने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। मौके पर चार संदिग्ध युवक खड़े दिखाई दिए, जो पुलिस को देखते ही भागने लगे। पुलिस कर्मियों ने पीछा कर दो युवकों को धर दबोचा, लेकिन दो अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
गिरफ्तार हुए आरोपियों की पहचान
पकड़े गए आरोपियों की पहचान हर्षित शर्मा (18 वर्ष) और शिवम राजपूत उर्फ गौरव (19 वर्ष) के रूप में हुई है। तलाशी लेने पर इनके कब्जे से 315 बोर का एक कट्टा, दो जिंदा कारतूस और 1500 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस इस बात से हैरान है कि इतनी कम उम्र के युवक हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर अपराध में लिप्त हैं।
मुख्य तस्करों की तलाश जारी
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए युवक हथियार खरीदने पहुंचे थे। हथियारों की सप्लाई करने वाले मुख्य तस्कर तन्नू पंडित और भानू तोमर बताए जा रहे हैं, जो मौके से भाग निकले। पुलिस ने चारों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस की अगली रणनीति
पपुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन युवाओं का संपर्क इन तस्करों से कैसे हुआ और वे इस अवैध नेटवर्क में कब से सक्रिय हैं। फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस का मानना है कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में शहर के कई अन्य अवैध हथियार डीलरों के नाम सामने आ सकते हैं।

