ग्वालियर में ईद-उल-फितर का जश्न: मोती मस्जिद सहित 116 स्थानों पर हुई नमाज, अमन-चैन की मांगी दुआ
श्रद्धा और भाईचारे का संगम: शहर काजी अब्दुल अजीज कादरी ने दिया ईमानदारी का संदेश; हजारों नमाजियों ने गले मिलकर दी मुबारकबाद।
ग्वालियर | 21 मार्च 2026 ग्वालियर शहर आज पूरी तरह से ईद के रंग में रंगा नजर आया। पवित्र रमजान महीने के 30 रोजों के पूर्ण होने के बाद, शहर के मुस्लिम समुदाय ने पारंपरिक हर्षोल्लास और सादगी के साथ ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया। सुबह से ही शहर की छोटी-बड़ी मस्जिदों में सफेद लिबास पहने नमाजियों का तांता लगा रहा।
मस्जिदों में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
शहर काजी अब्दुल अजीज कादरी ने बताया कि इस वर्ष ग्वालियर की कुल 116 मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज का आयोजन किया गया। मुख्य आयोजन ऐतिहासिक मोती मस्जिद (फूलबाग) में हुआ, जहाँ हजारों की संख्या में लोगों ने एक साथ सफों में खड़े होकर खुदा की इबादत की। सुबह 7:30 बजे से शुरू हुआ नमाज का यह सिलसिला दोपहर 10 बजे तक विभिन्न मस्जिदों में चलता रहा।
देश की तरक्की और विश्व शांति की कामना
नमाज के बाद दुआ के दौरान नमाजियों की आंखें नम थीं। दुआ में विशेष रूप से भारत की सुख-शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारे की मिन्नतें की गईं। शहर काजी ने अपने खुतबे (भाषण) में कहा, “इस्लाम ईमानदारी और इंसानियत का नाम है। जिस व्यक्ति में सच्चाई और ईमानदारी नहीं, वह सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता।” इसके साथ ही उन्होंने विश्व में हो रहे युद्धों पर चिंता जताते हुए शांति की अपील की।
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
नमाज संपन्न होने के बाद मस्जिद के बाहर उत्सव का माहौल रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, वहीं हिंदू समुदाय के लोगों ने भी अपने मुस्लिम भाइयों को फूल भेंट कर और गले मिलकर ईद की बधाई दी, जो ग्वालियर की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है।

