Saturday, June 13, 2026

जयभान सिंह पवैया बने मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष, ग्वालियर में समर्थकों ने मनाया जश्न

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जयभान सिंह पवैया बने मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष, ग्वालियर में समर्थकों ने मनाया जश्न

संवैधानिक जिम्मेदारी मिलने पर बोले पवैया- “यह जगदंबा का आदेश, पारदर्शिता के साथ करूँगा वित्त का न्यायपूर्ण वितरण”

ग्वालियर। मध्य प्रदेश की राजनीति के दिग्गज नेता और महाराष्ट्र के सह-प्रभारी पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया को राज्य सरकार ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। जयभान सिंह पवैया को मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस घोषणा के बाद से ही ग्वालियर स्थित उनके निवास पर उत्सव का माहौल है और समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरके समर्थक

जैसे ही जयभान सिंह पवैया की नियुक्ति की आधिकारिक सूचना मिली, ग्वालियर स्थित उनके आवास पर समर्थकों का तांता लग गया। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी खुशी जाहिर की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया। ग्वालियर-चंबल संभाग सहित पूरे प्रदेश से भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई संदेश भेजे हैं।

नवरात्रि की पूर्व संध्या पर मिला ईश्वरीय “आदेश”

अपनी नई भूमिका पर प्रतिक्रिया देते हुए जयभान सिंह पवैया भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “कल शाम जब मुझे यह सूचना मिली, तो मुझे ऐसा लगा जैसे नवरात्रि के पहले दिन की संध्या पर माँ जगदंबा ने मुझे जनता की सेवा का कोई आदेश दिया है। मैं इस दायित्व को भगवती के चरणों में अर्पित करता हूँ।”

उन्होंने इस नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगू भाई पटेल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने आगे कहा कि वह अपनी राजनीतिक जननी (संगठन) के भी आभारी हैं, जिन्होंने उन्हें इस सेवा के योग्य समझा।

पारदर्शिता और न्यायपूर्ण वितरण पर रहेगा जोर

आयोग की कार्यप्रणाली पर चर्चा करते हुए पवैया ने कहा कि उनकी प्राथमिकता वित्त का न्यायपूर्ण वितरण सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा:

अध्ययन और भ्रमण: वह जल्द ही कार्यभार संभालेंगे और जमीनी हकीकत जानने के लिए पूरे मध्य प्रदेश का व्यापक भ्रमण करेंगे।

निकायों का सशक्तिकरण: ग्राम पंचायतों से लेकर महानगरों तक वित्त के सही आवंटन के लिए आयोग अपनी सलाहकारी भूमिका को मजबूती से निभाएगा।

पारदर्शिता: वित्त के सदुपयोग और प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता लाना उनका मुख्य उद्देश्य रहेगा।

पवैया ने अंत में प्रभु रामलला से प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान उन्हें शक्ति दें ताकि वह इस बड़ी संवैधानिक जिम्मेदारी को बिना किसी दाग के और पूरी ईमानदारी के साथ निभा सकें।

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