मुरैना नगर निगम में ‘जनता दर्शन’ बना भ्रष्टाचार का लाइव खुलासा!
मुरैना नगर निगम में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम पिछले मंगलवार को उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा में बदल गया, जब एक आवेदक ने मेयर के सामने ही भ्रष्टाचार का लाइव खुलासा कर दिया। भवन निर्माण की अनुमति के लिए भटक रहे युवक पंकज राठौर ने वहीं पर उस दलाल को फोन मिला दिया, जो उससे रिश्वत मांग रहा था। फोन स्पीकर पर किए जाने के बाद, दलाल ने निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम पर पूरी घूस की रेट लिस्ट बता दी, जिसे सुनकर हॉल में मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
शिकायतकर्ता: पंकज राठौर नामक युवक, जो कई दिनों से भवन निर्माण की अनुमति के लिए नगर निगम के चक्कर लगा रहा था।
आरोप: पंकज ने मेयर के सामने शिकायत की कि बिना पैसों के उसकी फाइल को कोई भी अधिकारी-कर्मचारी आगे नहीं बढ़ा रहा है।
मेयर की पहल: मेयर ने पंकज को मौके से ही उस दलाल को फोन लगाने को कहा, जो पैसे मांग रहा था।
लाइव खुलासा: जैसे ही कॉल स्पीकर पर डाली गई, उधर से दलाल ने बिना किसी डर के घूस की रकम और नामों का खुलासा कर दिया।
दलाल ने मांगी ‘रेट लिस्ट’ के साथ घूस
फोन पर दलाल ने पंकज से घूस की रकम बताते हुए कहा कि 3 हजार रुपए खुद के लिए, 10 हजार रुपए शर्मा जी, 4 हजार रुपए किसी फोटो वाले भानु तोमर और 1 हजार रुपए किसी अजय परिहार के लिए मांगे। इस तरह कुल 15 से 17 हजार रुपए तक की रिश्वत मांगी गई। भ्रष्टाचार के इस लाइव प्रमाण ने ‘जनता दर्शन’ में हड़कंप मचा दिया।
निगम आयुक्त का स्पष्टीकरण
कॉल खत्म होने के बाद, मेयर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। हालांकि, इस मामले में नगर निगम के आयुक्त सत्येंद्र सिंह धाकरे का पक्ष अलग है।
आयुक्त धाकरे ने स्पष्ट किया:
“जिस व्यक्ति से कॉल पर बात हुई, वह नगर निगम का कर्मचारी नहीं है, बल्कि कोई बाहरी दलाल है। यही नहीं, शिकायतकर्ता युवक पंकज राठौर का नगर निगम में भवन अनुमति से संबंधित कोई आधिकारिक आवेदन भी दर्ज नहीं है। ऐसे में वह बाहर ही किसी दलाल से बात कर रहा था। इस पूरे मामले में नगर निगम के किसी भी कर्मचारी की सीधी भूमिका सामने नहीं आई है।”
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन रिकॉर्ड के अनुसार कोई भी आवेदन पेंडिंग नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दलाल बाहरी व्यक्ति है।

